Rajat Patidar becomes threat to Shreyas Iyer as legendary cricketer makes bold T – रजत पाटीदार: श्रेयस अय्यर के लिए खतरा? अश्विन ने टीम इंडिया के लिए किया बड़ा दावा!
रजत पाटीदार का धमाका और रविचंद्रन अश्विन का बड़ा दावा: क्या श्रेयस अय्यर की जगह खतरे में है?
आईपीएल 2026 क्वालीफायर 1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार ने गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ अपनी 93 रनों की अविश्वसनीय नाबाद पारी से सभी को चौंका दिया। मात्र 33 गेंदों पर खेली गई यह तूफानी पारी न केवल RCB को 92 रनों की शानदार जीत दिलाने में सहायक रही, बल्कि उन्हें फाइनल में भी पहुँचा दिया। इस मैच जिताऊ प्रदर्शन के बाद, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाटीदार की टीम इंडिया में वापसी का प्रबल समर्थन किया है, जिससे मध्यक्रम के बल्लेबाजों, खासकर श्रेयस अय्यर के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा हो गई है।
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, धर्मशाला में 26 मई को खेले गए इस महत्वपूर्ण मुकाबले में पाटीदार ने अपनी बल्लेबाजी का ऐसा जलवा दिखाया कि विपक्षी गेंदबाज बेबस नजर आए। यह पारी केवल रनों के आंकड़े तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने RCB के फाइनल में पहुँचने की उम्मीदों को भी पंख लगा दिए, जहाँ वे 2025 में मिली अपनी पिछली जीत के बाद लगातार दूसरी बार खिताब जीतने की दहलीज पर खड़े हैं। करीब 18 साल के सूखे के बाद 2025 में खिताब जीतने वाली RCB के लिए पाटीदार का यह प्रदर्शन बेहद अहम रहा है।
रजत पाटीदार का आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में विराट कोहली जैसे कई स्टार खिलाड़ी होने के बावजूद, रजत पाटीदार अक्सर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कम चर्चित रहते हैं। हालाँकि, इस सीज़न में वह शानदार फॉर्म में हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनकी नाबाद 93 रनों की पारी उनकी बेहतरीन फॉर्म का एक उत्कृष्ट उदाहरण थी। इस सीज़न में मध्य प्रदेश के इस बल्लेबाज और RCB के कप्तान ने 13 पारियों में 196.76 की स्ट्राइक रेट से 86 रन बनाए हैं, जो उन्हें टीम के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनाता है। उनकी यह निरंतरता और विस्फोटक बल्लेबाजी उन्हें भारतीय टीम के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।
अश्विन का पाटीदार के लिए समर्थन: ‘चर्चा होनी चाहिए’
रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं को अब रजत पाटीदार को फिर से टीम में शामिल करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पाटीदार ने अब तक अपने करियर में तीन टेस्ट और एक वनडे मैच खेला है। भारत के लिए उनका आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच 23-26 फरवरी 2024 को रांची में इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच था।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “इस पर चर्चा होनी ही चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो कुछ गलत है। रजत पाटीदार ने एक महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन यह पहली बार नहीं है; क्वालीफायर में उनका एक शानदार रिकॉर्ड है।” अश्विन के इन शब्दों से स्पष्ट है कि पाटीदार का प्रदर्शन केवल एक मैच तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बड़े मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
श्रेयस अय्यर बनाम रजत पाटीदार: चयन की दुविधा
प्ले-ऑफ में पाटीदार के शानदार प्रदर्शन के बाद, अश्विन उन्हें भारतीय टीम के चयन के मामले में श्रेयस अय्यर से आगे नहीं रख रहे थे, लेकिन गुजरात के खिलाफ मैच के बाद उनकी राय बदल गई। श्रेयस अय्यर को आईपीएल के सबसे सफल और प्रभावशाली कप्तानों में से एक माना जाता है, लेकिन पाटीदार के इस प्रदर्शन ने उन्हें अय्यर से एक कदम आगे कर दिया है।
अश्विन ने विस्तार से बताया, “इस पारी से पहले, श्रेयस अय्यर पाटीदार से थोड़ा आगे थे। लेकिन आज की पारी के बाद, रजत पाटीदार सीधे ऊपर आ गए हैं। हम सभी जानते हैं कि रजत पाटीदार स्पिनरों के खिलाफ कैसे खेलते हैं, लेकिन आज उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन किया। यह आश्चर्यजनक था कि किसी भी GT गेंदबाज ने उन्हें बाउंसर से नहीं परखा।”
अश्विन ने अय्यर के बारे में भी अपनी राय रखी, “अगर श्रेयस अय्यर की अद्भुत फॉर्म PBKS के प्लेऑफ में पहुँचने के साथ मेल खाती [तो आदर्श होता]। मुझे अब भी लगता है कि श्रेयस अय्यर दौड़ में हैं, लेकिन अगर, RCB की कप्तानी करके और ऐसी पारी के साथ फाइनल में पहुँचकर, कौन जानता है, वह खिताब का बचाव भी कर सकते हैं, तो उनके बारे में बात करना महत्वपूर्ण है। केवल बात करना ही नहीं, उन्हें मौका देना भी महत्वपूर्ण है।”
अश्विन के ये बयान भारतीय मध्यक्रम के लिए एक दिलचस्प चयन दुविधा प्रस्तुत करते हैं। जहाँ श्रेयस अय्यर ने अंतर्राष्ट्रीय और आईपीएल दोनों स्तरों पर अपनी काबिलियत साबित की है, वहीं रजत पाटीदार की हालिया फॉर्म और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाता है। विशेष रूप से, उनकी स्पिन के साथ-साथ तेज गेंदबाजी के खिलाफ भी बेहतर होती बल्लेबाजी ने उनकी दावेदारी को और मजबूत किया है।
टीम इंडिया के मध्यक्रम के लिए नए विकल्प
भारतीय टीम के चयनकर्ता हमेशा ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में रहते हैं जो दबाव में प्रदर्शन कर सकें और टीम को मजबूती प्रदान कर सकें। रजत पाटीदार ने अपनी कप्तानी में RCB को फाइनल तक पहुँचाया है और बल्ले से भी लगातार योगदान दिया है। यह प्रदर्शन निश्चित रूप से चयनकर्ताओं की नजरों में आएगा। अब देखना यह होगा कि क्या अश्विन की यह ‘बड़ी माँग’ हकीकत में बदल पाती है और रजत पाटीदार को फिर से नीली जर्सी पहनने का मौका मिलता है या नहीं। भारतीय मध्यक्रम में एक और भरोसेमंद और विस्फोटक बल्लेबाज की जरूरत को देखते हुए, पाटीदार का दावा काफी मजबूत नजर आता है।
