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‘No one is going to point fingers’ – Pollard on Hardik’s captaincy

Tushar Goswami
Tushar Goswami
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मुंबई इंडियंस का निराशाजनक आईपीएल 2026 अभियान

आईपीएल 2026 का सीजन मुंबई इंडियंस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने अंतिम मुकाबले में हार के साथ ही टीम अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही। इस पूरे सीजन को कीरोन पोलार्ड ने ‘क्या होता अगर’ (what-ifs) वाला सीजन करार दिया। पोलार्ड का मानना है कि टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान निरंतरता बनाए रखने में विफल रही, जिससे प्रशंसकों और प्रबंधन दोनों को गहरा दुख हुआ है।

सामूहिक जिम्मेदारी और भविष्य की रणनीति

जब पोलार्ड से टीम के खराब प्रदर्शन और भविष्य के कदमों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह प्रतिक्रियावादी (reactive) होने का समय नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि अभी टीम के लिए आत्मनिरीक्षण का समय है, न कि जल्दबाजी में भावनात्मक निर्णय लेने का। प्रबंधन के दृष्टिकोण से, हार के कारणों का विश्लेषण करने के लिए गहराई और शांति की आवश्यकता है। पांच बार की चैंपियन टीम के लिए 2020 के बाद से खिताबी सूखा एक गंभीर विषय है, जिस पर गहन चिंतन की आवश्यकता है।

हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर पोलार्ड का रुख

आईपीएल 2026 में सबसे अधिक चर्चित विषयों में हार्दिक पांड्या की कप्तानी रही। इस पर बात करते हुए पोलार्ड ने स्पष्ट किया कि ‘No one is going to point fingers’ – Pollard on Hardik’s captaincy के सवाल पर उन्होंने कहा कि हार के लिए किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना गलत है। उन्होंने कहा, ‘हार्दिक ने व्यक्तिगत रूप से जितना सोचा था, शायद कप्तानी उतनी अच्छी नहीं रही, लेकिन हमने उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने का पूरा प्रयास किया। जब आप हारते हैं, तो आपको इसे सामूहिक दृष्टिकोण से देखना पड़ता है। हम सभी कोशिश कर रहे थे, लेकिन चीजें हमारे पक्ष में नहीं रहीं।’

जसप्रीत बुमराह की फिटनेस और फॉर्म

टीम के प्रमुख गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का यह सीजन विकेटों के लिहाज से काफी फीका रहा। हालांकि उनकी इकॉनमी रेट (8.37) प्रभावशाली रही, लेकिन वह केवल चार विकेट ही ले सके। पोलार्ड ने खुलासा किया कि टी20 विश्व कप के बाद बुमराह एक छोटी चोट (niggle) से जूझ रहे थे, जिसे टीम प्रबंधन ने पूरी तरह प्रबंधित करने की कोशिश की।

  • बुमराह की फिटनेस का प्रबंधन करना प्राथमिकता थी।
  • अंतिम मैच में उन्हें आराम देने का निर्णय टीम की गहराई का परीक्षण करने के लिए लिया गया था।
  • बुमराह भारतीय क्रिकेट की अमूल्य संपत्ति हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

पोलार्ड ने कहा कि सीजन के अंतिम मैच में उन्हें खिलाने से कोई बड़ा बदलाव नहीं होने वाला था, इसलिए युवा खिलाड़ियों को मौका देना एक स्मार्ट विकल्प था।

निष्कर्ष: एक नया अध्याय

मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन एक सबक की तरह रहा है। पोलार्ड के अनुसार, टीम अब इन विफलताओं से सीखकर रणनीतिक रूप से बेहतर बनने की दिशा में काम करेगी। प्रशंसकों के लिए यह धैर्य रखने का समय है क्योंकि टीम प्रबंधन आने वाले समय में एक ‘थोरोग’ (गहन) समीक्षा की योजना बना रहा है ताकि अगले सीजन में वापसी की जा सके। यह स्पष्ट है कि टीम किसी भी तरह की जल्दबाजी में बदलाव करने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।